आपकी यादें हिन्दी शायरी। Yaad Shayari Hindi

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इस बार आपके लिए पेश है बेहतरीन “याद” हिंदी शायरी कलेक्शन। आपके दिलों की शेरो शायरी पढ़ें- हिंदी में। खूबसूरत यादों के पलों को संजोये रखने वाली हिंदी शायरी का एक साथ संकलन। अपने पसंद के शायरी अपनों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें।

मेरी यादो मे तुम हो,
या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे खयालो मे तुम हो,
या मेरा खयाल ही तुम हो
दिल मेरा धड़क के पूछे,
बार बार एक ही बात,
मेरी जान मे तुम हो,
या मेरी जान ही तुम हो।


कभी फुर्सत मिले तो याद कर लेना,
हम तो एक हिचकी से भी खुश हो जाएंगे।


दिन बीत जाते है सुहानी यादे बन कर,
बाते रह जाती है कहानी बन कर,
पर प्यार तो हमेशा दिल के करीब रहेगा,
कभी मुस्कान तो कभी आंखो का पानी बन कर।


याद रखने के लिए आपकी कोई चीज चाहिए,
आप नहीं तो आपकी तस्वीर चाहिए
आपकी तस्वीर हमारा दिल बहला न सकेगी
क्योंकि वो आपकी तरह मुस्कुरा न सकेगी।


क्या खूब होता जो यादें भी रेत होती..
मुट्ठी से गिरा देते पाँवों से उड़ा देते।


आखिर थक हार के, लौट आया मै बाज़ार से,
यादो को बंद करने के ताले कहीं मिले नहीं।


अब हिचकियाँ आती हैं
तो पानी पी लेते हैं..
ऐ दोस्तों,..ये वहम छोड़ दिया है,
कि कोई याद करता है।


रात हुई जब शाम के बाद
तेरी याद आई हर बात के बाद,
हमने खामोश रहकर भी देखा,
तेरी आवाज़ आई हर साँस के बाद।


बंद रखते हैं जुबान लब खोला नहीं करते,
चाँद के सामने सितारे बोला नहीं करते,
बहुत याद करते हैं हम आपको लेकिन,
अपना ये राज़ होंठों से खोला नहीं करते।


जब याद आती है आपकी तो मुस्कुरा लेते हैं,
कुछ पल के लिए गम भुला लेते हैं,
कैसे भीग सकती हैं आपकी पलकें,
जब आपके हिस्से के आँसू हम बहा लेते हैं।


नया कुछ भी नहीं हमदम वही आलम पुराना है,
तुम्हें भुलाने की कोशिश है तुम्हीं को याद आना है।


जिंदगी ख़ाक न थी ख़ाक उड़ाते गुजरी,
तुझसे क्या कहते तेरे पास जो आते गुजरी,
दिन जो गुजरा तो तेरी किसी याद में गुजरा,
रात आई तो कोई ख्वाब दिखाते गुजरी।


भूल न जाना अपनी वफ़ा की उन कसमों को,
तोड़ न देना हमारे प्यार की उन रस्मों को,
आप हमें याद करो या न करो कोई बात नहीं,
बस याद रखना साथ बिताये उन लम्हों को।


ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा।


हो जाओ गर तनहा कभी,
तो मेरा नाम याद रखना,
मुझे याद हैं सितम तेरे,
तू मेरा प्यार याद रखना।


सांस को बहुत देर लगती है आने में
हर सांस से पहले तेरी याद आ जाती है।


तुझसे ज्यादा तेरी याद को है मुझसे हमदर्दी,
देखती है मुझे तन्हा तो चली आती है।


मैं शिकायत करूँ तो क्यों करूँ,
ये तो किस्मत की बात है,
तेरी सोच में भी नहीं मैं,
और तू मुझे लफ्ज़-लफ्ज़ याद है।


यूँ चाँद भी तन्हा है, चांदनी के बगैर,
मेरा दिल भी तन्हा है तेरी याद के बगैर।


चली आती है…तेरी याद मेरे जहन में अक्सर..
तुझे हो ना हो.. तेरी यादो को जरूर मुझसे मोहब्बत है।


याद आती है तेरी आ के ठहर जाती है
मेरी साँसों में जुनूँ बन के उतर जाती है।


बहुत छुपा कर रखा था,
तेरी मोहब्बत का राज़ सबसे।
तेरी याद आते ही,
ये अश्क सब बयान कर देते हैं।


मेरी मोहब्बत सच्ची है,
इसलिए तेरी याद आती है..
अगर तेरी बेवफाई सच्ची है
तो अब याद मत आना।


धूप गई छाँव गई दिन गया रात गई,
दिल से तेरी याद न गयी,
मिलने की फरियाद न गयी।

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तेरी याद को पसन्द आ गई है,
मेरी आँखों की नमी,
हँसना भी चाहूँ तो,
रूला देती है तेरी कमी।


मेरी डबडबाती आंखों पे ठिठके अश्क़ सा,
नश्तऱ सी गड़ती तेरी याद सा…इश्क़।


कितने अजीब इंसान है,
तेरी दुनिया मेँ ऐ खुदा
शौक ऐ मोहब्बत भी रखते है,
और याद तक नहीं करते।


तेरी मजबूरियाँ भी होगी चलो मान लेते है..
मगर तेरा एक वादा भी था मुझे याद रखने का।


तुझे भुलाने के हज़ार तरीक़े सोचते रहे रात भर,
और इस तरह तेरी याद में एक रात और गुज़र गयी।


तुझे भूल जाने की कोशिश, कभी कामयाब न हो सकी..
तेरी याद फूल-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गई।


तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह,
फिर ये कैसे कह दूँ..कि मेरा दिन खराब है।


जहन में हर शाम यादें तुम्हारी आ बैठती हैं ऐसे..
किसी दीवार पर दोपहर की धूप चढ़ी हो जैसे।


यूँ ही गुजर जाते हैं मीठे लम्हे,
किसी मुसाफिर की तरह..
और यादें वहीँ खड़ी रह जाती हैं
रुके रास्तों की तरह।


ख़र्च जितना भी करूँ, बढ़ती जाती है ये यादें तेरी अजीब दौलत है।


उतर जाती हैं जो जहन में तो फिर जल्दी नींद नहीं आती..ये कॉफ़ी और तुम्हारी यादें..एक जैसी हैं।


एक मुख़्तसर लम्हा ही तो था…अपने पीछे ना जाने कितनी यादें छोड़ गया।


तेरी यादें अक्सर छेड़ जाया करती हैं कभी आँखों का पानी बनकर कभी हवा का झोंका बनकर।


ले लो ना वापिस…वो तड़प वो आंसू वो यादें सारी, नहीं कोई जुर्म मेरा तो फिर ये सजायें कैसी।


वो मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें ही न हो और वो यादें ही क्या जिसमें तुम न हो।


तेरी तस्वीरों में कुछ यादें मेरी भी हैं कुछ पलों की बातें अधूरी भी हैं।


तेरी याद से शुरू होती है मेरी हर सुबह,
फिर ये कैसे कह दूँ.. कि मेरा दिन खराब है।


तुझे भूल जाने की कोशिश, कभी कामयाब न हो सकी,
तेरी याद फूल-ऐ-गुलाब है, जो हवा चली तो महक गई।


आई जब उन की याद तो आती चली गई,
हर नक़्श-ए-मा-सिवा को मिटाती चली गई।


हम तुमसे दूर कैसे रह पाते,
दिल से तुमको कैसे भूल पाते,
काश तुम आईने में बसे होते,
ख़ुद को देखते तो तुम नज़र आते।


कहा ये किसने कि फूलों से दिल लगाऊं मैं,
अगर तेरा ख्याल ना सोचूं तो मर जाऊं मैं,
माँग ना मुझसे तू हिसाब मेरी मोहब्बत का,
आ जाऊं इम्तिहान पर तो हद्द से गुज़र जाऊं मैं।


तुझसे दूर जाने का इरादा ना था,
सदा साथ रहने का भी वादा ना था,
तुम याद ना करोगे ये जानते थे हम,
पर इतनी जल्दी भूल जाओगे अंदाज़ा ना था।


जीने की ख्वाहिश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा,
हम सच मान कर ऐतबार करते हैं।


नाराज़ सी हो जाती हूँ मैं खुद से,
कोसती हूँ फिर मैं खुद को खुद से,
आँखें बँद करुँ तो तुम ही नज़र आते हो
तुम ऐसे मुझे बेइंतहा याद क्यों आते हो।


नाराज़ सा हो जाता हूँ मैं खुद से,
कोसता हूँ फिर मैं खुद को खुद से,
आँखें बँद करुँ तो तुम ही नज़र आते हो
तुम ऐसे मुझे बेइंतहा याद क्यों आते हो।


मेरी खामोशी थी जो सबकुछ सह गयी,
उसकी यादें ही अब इस दिल में रह गयी,
थी शायद उसकी भी कोई मज़बूरी,
जो मेरी जिंदगी की कहानी अधूरी ही रह गयी।

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