भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार | Bhagat Singh Quotes in Hindi

Make a beautiful Happy Holi Photo Frame
हेलो फ्रेंड्स। भगत सिंह भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे इस पोस्ट हम आज आपके साथ भगत सिंह के क्रन्तिकारी विचार शेयर करने जा रहे है। जब देशभक्ति की बात होती है वहा पर भगत सिंह जी का नाम जरुर आता है इन्होने ब्रिटिश सरकार से हमारे भारत देश को आजादी दिलाने के लिए काफी सारे आन्दोलन में भाग लिया था। तो आइये जानते है शहीद भगत सिंह के कुछ विचार जो आपको काफी प्रेरित करेंगे।

मेरे सीने में जो जख्म है वो सब फूलो के गुच्छे है हमें तो पागल ही रहने दो हम पागल ही अच्छे है


बुराई इसलिए नहीं बढती की बुरे लोग बढ़ गए है बल्कि बुराई इसलिए बढती है क्योंकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ गये है


क्रांति की तलवार तो सिर्फ विचारो की शान पर ही तेज होती है


मेरा एक ही धर्म है देश की सेवा करना है 


ज़िन्दगी तो अपने दम पर ही जी जाती है दूसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं


प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है


यदि बहरों को सुनना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मारना नहीं थाा हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था अंग्रेजों को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आज़ाद करना चहिये

EMI Calculator - Know your Loan by EMI

किसी को “क्रांति ” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए। जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते है


ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था


आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं। हमें इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की ज़रुरत है


जो व्यक्ति भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्‍वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी

मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है


इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है, जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे


व्यक्तियो को कुचल कर, वे विचारों को नहीं मार सकते


क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे


निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम् लक्षण हैं


मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है

हम लेकर आये आपके लिए सम्पूर्ण व्रत कथा ऐप जिसके माध्यम से आप कथा विधि विधान और मन्त्रों की जानकारी पाएगें।

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *