बाबा खाटू श्याम कोट्स – Baba Khatu Shyam Quotes

बाबा खाटू नरेश की महिमा निराली है भक्तों को इनकी छवि इतनी प्यारी है के सभी मंतर्मुघ्ध होकर बस इनके दर्शन पाकर ही धन्य हो जाते है और दूर दूर से दर्शन पाने को चले आते है।

सबसे बड़ा तेरा दरबार है, तू ही सब का पालनहार है। सजा दे या करदे क्षमा सांवरे तू ही हमारी सरकार है। ।।जय श्री श्याम।।


प्यार की अनोखी मूरत हो तुम, जिंदगी की एक जरूरत हो तुम, फूल तो खूबसूरत होते ही है पर फूलों से भी खूबसूरत हो तुम। ।।जय श्री श्याम।।


तुम पर भरोसा किया तो गलत क्या किया, प्रेम तुमसे किया तो गलत क्या किया। जिन्दगी मेरी अब तेरे नाम हैं सांवरे, ये स्वीकार किया तो क्या गलत किया। ।।जय श्री श्याम।।


स्वार्थ के संसार में ये ही एक हमारा है, हर प्रेमी हक़ से कहता, बाबा श्याम हमारा हैं। ।।जय श्री श्याम।।


श्याम सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में। है जीत तुम्हारे हाथों में है हार तुम्हारे हाथों में। ।।जय श्री श्याम।।


तुझे देख ले जो, खुद को ही भुला दे, तेरा रुप सबको, दीवाना बना दे। ।।जय श्री श्याम।।


पलके झुका के नमन करे मस्तक झुका के वंदना करे। ऐसी नज़र दे दे मेरे श्याम जो बंद होते ही आपके दीदार करे। ।।जय श्री श्याम।।


रहमतों के फूल बरसते है जब श्याम का दीदार होता है। बडे ही किस्मत वाले होते हैं वो जिनको श्याम से प्यार होता है। ।।जय श्री श्याम।।


श्री श्याम से मुलाकात होती है हर किसी के नसीब में ऐसी कहां बात होती है जिसने भी एक बार पकड़ लिया दिल से मेरे श्री श्याम का दामन दुनियाँ की सारी खुशियाँ फिर उसके कदमों की गुलाम होती है। ।।जय श्री श्याम।।


पूरी नहीं होती उनकी मुरादें जो साथ आया अंहकार के। लौटा नहीं वो दर से खाली जो आया है सब हार के। ।।जय श्री श्याम।।


दिखावा है ये धन दौलत, इसे बस प्रेम भाता है! अगर जो प्रेम हो साचा ये चलकर आता है। ।।जय श्री श्याम।।


रूठी थी किस्मत मेरी भी अब मेहरबान हो गयी। श्याम के नाम से ही अब मेरी पहचान हो गयी। खाटू नरेश की जय।


मतलब की ये दुनियादारी, मतलब की सब रिश्तेदारी, घर परिवार है श्याम भरोसे कर ली है श्याम से यारी। जय श्री श्याम।


आओ बसाये मन मंन्दिर में झांकी खाटू श्याम की। जिसके मन में श्याम नही वो काया किस काम की। ।।जय श्री श्याम।।


श्याम भक्ति की छाँव में दुखों को भुलाओ, सब मिलकर प्रेमभाव से हरि गुण गाओ। ।।जय श्री श्याम।।


क्या फर्क पड़ेगा श्याम, यदि तु मुझे खाटू बुलाए न बुलाए, भले ही शरीर नहीं जा पाए, पर आत्मा तो हर पल तेरे चरणों में ही पाए। ।।जय श्री श्याम।।


सुनाई दे रही गूँज ढोलक और करताल की। चिट्ठी आ गई खाटू के सरकार की चढ़ गई मस्ती अबीर और गुलाल की, फाल्गुन भी कह रहा जय हो लखदातार की ।।जय श्री श्याम।।


अपना रिश्ता इतना खास हो जाये, तूँ दूर रहकर भी मेरे पास हो जाये। मन से मन का तार जुड़े कुछ इस तरह, की दर्द मुझे हो और तुझे एहसास हो जाये। ।।जय श्री श्याम।।


उस राह पे मुझको जाना है जिस राह पे मुझको श्याम मिलें। कुछ मिले या ना मिले बस उनकी सेवा का मुझे काम मिले। ।।जय श्री श्याम।।


बाबा तेरा मेरा रिश्ता पुराना है, नहीं मुझसे रूठना कह रहा दीवाना है, मुझे रखलो शरण में श्याम। ।।जय श्री श्याम।।


वे तैरते-तैरते डूब गये जिन्हे खुद पर गुमान था। और वो डूबते-डूबते तर गये जिन पर तू मेहरबान था। ।।जय श्री श्याम।।


श्याम का दिया हमें सब कबूल है मेरे श्याम के रहते हुये चिंता करना फिजूल है। आयेगी मुसीबत भी तो मेरा श्याम उसे टालेगा हम श्याम के ही भक्त है हमें श्याम ही संभालेगा। ।।जय श्री श्याम।।


तीखे-तीखे नैण श्याम के, जादू सा कर देते हैं। नजर मिलाके जो भी देखे, सुध-बुध सब हर लेते हैं।। ।।जय श्री श्याम।।


जाने-अनजाने में ऐसा एक काम हो गया, मेरे जिंदगी का मालिक मेरा श्याम हो गया। ।।जय श्री श्याम।।


कभी खाटू जाकर देखना, दिल पर लगे पहरे हटा कर देखना, ये जिंदगी तेरी खिलखिला उठेगी, मेरे श्याम के साथ कुछ लम्हे बिता कर देखना। ।।जय श्री श्याम।।


मुझे सांवरे इतना काबिल बना दो, प्रेम की ज्योति दिल में जला दो, ऊँगली उठा कर कोई न कहे, भक्तों के प्रेम में कमी रह गई। ।।जय श्री श्याम।।


मेरे श्याम की मुस्कान गुलाब है प्यार उसका बेहिसाब है। दुनिया में हर सवाल का जवाब है, पर मेरा श्याम छलिया लाजवाब है। ।।जय श्री श्याम।।


अखंड ज्योत अपार माया, मेरे श्याम की है प्रबल छाया। ।।जय श्री श्याम।।


मोरछड़ी और काली कमली, होंठो पे मुस्कान है। बिन मांगे जो भर देता झोली, ऐसा मेरा श्याम है। ।।जय श्री श्याम।।


रखोगे जिस हाल में रह लूंगा बाबा, छोड़ूगा ना तेरा दरबार। मुझसे ज्यादा तू है समझें, क्या है मुझको दरकार। ।।जय श्री श्याम।।


संभालो इस दास को दाता, भरोसा बस तुम्हारा हैं। तु ही है मंजिल मेरी, तु ही एक सहारा है। ।।जय श्री श्याम।।


यह साँवरे का दरबार है यहाँ मनमानी नही होती। यह बात भी पक्की है कि यहाँ कोई परेशानी नहीं होती। कुछ तो बात होगी मेरे साँवरे सरकार में वरना यूँही दुनिया इनकी दीवानी नही होती। ।।जय श्री श्याम।।


मैं कैसे कह दूँ की मेरी हर दुआ बेअसर हो गई, जब-जब मैं रोया मेरे श्याम को खबर हो गई। ।।जय श्री श्याम।।


खाटू जब भी जाओगे, मन की मुरादे पाओगे। सच्चा है दरबार श्याम का, भर के झोली लाओगे। ।।जय श्री श्याम।।


कोई कहता है कि सारा जमाना है मेरा कोई कहता है अपना भी बेगाना है मेरा कोई कहता है कुबेर का खजाना है मेरा पर मै कहता हूँ की श्याम के चरणों में ठिकाना है मेरा ।।जय श्री श्याम।।


मेरे सांवरे तेरी यादों की नौकरी में दीदार की पगार मिलती है। खर्च हो जाते हैं अश्क नैनों के रहमत कहां उधार मिलती है। ।।जय श्री श्याम।।


अपने हाथ में पकड़ लो मेरे जिन्दगी की डोर ले चलो मुझे अपनी खाटू नगर की ओर बचाना हर बुरे काम से मेरी रूह को न होने देना किसी मोड़ पे कमजोर ।।जय श्री श्याम।।


बाबा तुमने अपनी आँखों में नूर छुपा रखा है, होश वालो को दीवाना बना रखा है। नाज कैसे न करू तुम पर प्यारे मुझ जैसे नाचीज़ को ख़ास बना रखा है। ।।जय श्री श्याम।।


मेरी इस दीवानगी में कुछ कसूर तुम्हारा भी है श्याम। तुम इतने प्यारे ना होते तो हम इतने दीवाने ना होते। ।।जय श्री श्याम।।


हर-पल हर-क्षण, देता श्याम सहारा हैं। पलक पावड़े बिछाये बैठे, भक्तों को कितना प्यारा हैं॥ ।।जय श्री श्याम।।


ज़माना जब भी, मुझे मुश्किल में डाल देता है, मेरा बाबा हजारों रस्ते निकल देता है। ।।जय श्री श्याम।।


फिक्र करता है क्यूँ फिक्र से क्यूँ रोता है रख भरोसा श्याम पर फिर देख क्या होता है। ।।जय श्री श्याम।।


अजब है तू दातार सांवरे गजब तेरी दातारी रे। हर लेता है पीड़ भक्त की चाहे विपदा हो कितनी भारी रे। ।।जय श्री श्याम।।


श्री श्याम श्याम तो मैं रटुँ, श्याम है ज़ीवन प्राण श्याम भक्त जग में बड़े, उनको करू प्रणाम खाटु नगर के बीच में, बण्यो आपको धाम फाल्गुंण शुक्ला मेला भरे, जय जय बाबा श्याम ।।जय श्री श्याम।।


घड़ी घड़ी घड़ी मत देखो, सिर्फ एक घड़ी मेरे श्याम को देखो, जिंदगी की हर घड़ी सुधर जाएगी। ।।जय श्री श्याम।।


पट खोल दे मोरछड़ी वाले जरा, हम अपने दिल की सुनाने आये हैं। जरा नजरें उठा कर देख सांवरे, तुमसे मिलने तेरे दीवाने आये हैं।। ।।जय श्री श्याम।।


महीनों के इन्तजार के बाद प्यासी आँखें कुछ यूँ तरस गई। कि दर्शन करके श्याम प्रभु के फागण में सावन सी बरस गई। ।।जय श्री श्याम।।


भलें बुरे की समझ तुम्हें है, लिया तुम्हारा शरणा हैं। जेहि विधि होय नाथ हित मोरा, अब जो है तुम्हें ही करना है। ।।जय श्री श्याम।।


तेरे दरबार में श्याम हाजरी मेरी लगती रहे। तेरे आशीर्वाद से दुनियां मेरी फलती रहे।। ।।जय श्री श्याम।।


भटक कर सब जगह देखा, मगर तुझसा न कोई पाया। इसलिए सांवरे चलकर, तेरे दरबार में आया। ।।जय श्री श्याम।।


तेरी मेहर का क्या है भरोसा, कब किस पर ये हो जाये, इसी आस में हम भी बैठे है, शायद हम पर भी हो जाये। ।।जय श्री श्याम।।


जिसको तुमने अपना बनाया उसके नसीब निराले। उसका बाल ना बांका होता तू जिसे संभाले। ।।जय श्री श्याम।।


आंसू पोंछ कर मेरे श्याम ने हँसाया है मुझे मेरी हर गलती पर भी मेरे श्याम ने सीने से लगाया है मुझे विश्वास क्यों न हो मुझे अपने श्याम प्यारे पर मेरे श्याम ने हर हाल में जीना सिखाया है मुझे ।।जय श्री श्याम।।


लोग कहते है अगर हाथों की लकीरें अधूरी हों तो किस्मत अच्छी नहीं होती। लेकिन सर पर हाथ हो मेरे श्याम का तो लकीरों की जरूरत नहीं होती। ।।जय श्री श्याम।।


हारे का सहारा है ये इससे ज्यादा कोई राज नहीं। जिस के सिर पर हाथ हो इसका तो महंगा कोई ताज नहीं। ।।जय श्री श्याम।।


जिंदगी तो अँधेरे जैसी ही थी मेरे श्याम, रोशनी तो हमारी जिंदगी में बस, एक तेरे आने से हुई है। ।।जय श्री श्याम।।


ये भरोसा हैं मुझको, मेरे श्याम आएंगे जरुर, प्यार अपना भक्तों पर, लुटाएगे जरुर। ।।जय श्री श्याम।।


कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के काबिल हो कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी खूबसूरती शामिल हो ऐ मेरे श्याम एक बार बता दे मुझकों कहाँ से लाऊं वो किस्मत जिसमें तु बस मुझे हासिल हो। ।।जय श्री श्याम।।


मुझे मशहूर होने की ख्वाहिश नहीं बाबा का नौकर हूँ ये ही पहचान काफी है। मैं जो भी हूँ उसकी बदौलत हूँ दीवाना मैं श्याम का इतना ही नाम काफी है। ।।जय श्री श्याम।।


केसर तिलक लगाकर बाबा मोरछङी लहराता है लीले चढकर दौङा आए जब दिल से कोई बुलाता है ।।जय श्री श्याम।।


मेरी तकदीर तो तुम हो। जो उभरी है सितारो पे, मेरी तस्वीर तुम हो। यह दौलत, यह शोहरत, सफर श्मशान तक का है। जो आखिर साथ जाना है, असल जागीर तो मेरे श्याम तुम हो। ।।जय श्री श्याम।।


हम भी तेरी मोहनी मूर्त दिल में छिपाये बैठे है तेरी सुन्दर सी छवि आँखों में बसाये बैठे है। इक बार बांसुरी की मधुर तान सुना दे मेरे श्याम हम भी एक छोटी सी आस जगाये बैठे है। ।।जय श्री श्याम।।


सूरत ऐसी सब गुलामी करें कदम ऐसे की फरिश्ते भी झुमा करें और जिसने एक नजर देखा तुझे वो होके दीवाना खाटू की गलियों में घूमा करें। ।।जय श्री श्याम।।


जिस- जिस ने इस द्वार पर माथा टेक कर श्री श्याम कृपा महसुस की, उसकी संवर गई जिंदगी। ।।जय श्री श्याम।।


कट जायेगा वक़्त, परेशानी की क्या बात है। श्याम की कृपा के आगे, गमों की क्या औकात है। ।।जय श्री श्याम।।


दरबार अनोखा, सरकार अनोखी, खाटू वाले की हर बात अनोखी। ।।जय श्री श्याम।।


खुशबु बनी रहे जीवन में, श्याम प्यारे के नाम की, मन-मानस को लगी सुहानी, चर्चा इस धाम की। ।।जय श्री श्याम।।


फाल्गुन में श्याम से मुलाकात होगी। जितनी मन में दबी है वो हर बात होगी। भक्तों पर श्याम कृपा की बरसात होगी। किस्मत से जो मिलेगी, वो ग्यारस की रात होगी। ।।जय श्री श्याम।।


मेरे सांवरे अब उतर ही गए हो दिल में, तो बस इतना बता दो, तड़पाते रहोगे यूँ ही, या गले भी लगाओगे कभी। ।।जय श्री श्याम।।


होके समर्पित भाव से जो मेरे श्याम को पूजता है। मेरा साँवरा सलौना श्याम खुद ऐसे भक्तों को ढूँढता है। ।।जय श्री श्याम।।


सारे जगत को देने वाले मैं क्या तुझको भेंट चढ़ाऊँ। जिसके नाम से आए खुशबू मैं क्या उसको फूल चढ़ाऊँ। ।।जय श्री श्याम।।


रूठे जो जिन्दगी तो मना लेगे हम मिले जो गम तो निभा लेगे हम। बस तुम साथ रहना मेरे श्याम रोती आंखों से भी मुस्कुरा लेगें हम। ।।जय श्री श्याम।।


सांसो का पिंजरा किस दिन टूट जायेगा, फिर मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा, अभी सांसे चल रही है तो जय श्री श्याम बोल दिया करो, क्या पता कब जिंदगी का साथ छूट जायेगा। ।।जय श्री श्याम।।


पर्दा ना करो पुजारी दिखने दो झलक प्यारी। मेरे पास वक्त कम है श्याम से बाते हैं ढेर सारी। ।।जय श्री श्याम।।


कोई ग़ज़ल सुनकर क्या करना, यूँ ही बात बढ़ा कर क्या करना, तुम मेरे थे, तुम मेरे हो, दुनिया को बता कर क्या करना। ।।जय श्री श्याम।।


यह द्वार कोई मामूली द्वार नहीं साहब, इस द्वार की एक सीढ़ी चढ़ते ही, हर कष्टों का निवारण हो जाता है। ।।जय श्री श्याम।।


ऐ मेरे मालिक तुझको कुछ बनाना ही है तो, मुझे शून्य बना दें! जिससे भी जुड़ जाऊ, वो दस गुना हो जाये। ।।जय श्री श्याम।।


फर्क होता है खुदा और फकीर में फर्क होता है किस्मत और लकीर में अगर कुछ चाहो और ना मिले। तो समझ लेना कि कुछ और अच्छा लिखा है तकदीर में। ।।जय श्री श्याम।।


हाथ जोड़कर विनती करू, है करुणामय बाबा श्याम। सुख में, दुख मे, हर घडी जपु तुमारा नाम। ।।जय श्री श्याम।।


श्याम आशीर्वाद दो कि कोई रास्ता निकाल सकूँ। तुम्हे भी देख सकूँ और खुद को भी संभाल सकूँ। ।।जय श्री श्याम।।


हारे का ये साथी मेरा लखदातार है। तीन बाण धारी श्याम विष्णु का अवतार है।। ।।जय श्री श्याम।।


तेरे दर पर आने से पहले में बहुत कमजोर होता हूं। ओर जब छू लेता हूं तेरी चौखट, तो मैं कुछ और होता हूँ। ।।जय श्री श्याम।।


इतना क्या कम है उपकार तेरा इज्जत की रोटी खाता परिवार मेरा। कैसे भुलुंगा ये एहसान तेरा हाथ किसी के आगे फैला न मेरा। ।।जय श्री श्याम।।


कौन कहता है की ईश्वर नजर नहीं आता? सिर्फ वही तो एक नजर आता है, जब कुछ और नजर नहीं आता। ।।जय श्री श्याम।।


जिन्दगी है दाव पर और दाव है तेरे हाथ में क्यूं करूं चिंता श्याम जब तू मेरे साथ में ।।जय श्री श्याम।।


मुश्किल राह भी आसान हो जाती है हर राह पर पहचान हो जाती है। जो कहते अपने दिल से जय श्री श्याम उसकी किस्मत भी गुलाम हो जाती है। ।।जय श्री श्याम।।


इस लायक में नहीं था, फिर भी बाबा तूने खूब दिया, ये तो प्रेम है तेरा, मुझे भवसागर से तार दिया। ।।जय श्री श्याम।।


कोई कहता है चाँद से प्यारा है तू कोई कहता है हारे का सहारा है तू। पर दुनिया वाले क्या जाने तुझे श्याम मेरे लिये तो जीने का सहारा है तू। ।।जय श्री श्याम।।


अपना तो एक ही ठिकाना श्याम का द्वारा, हर घड़ी हर पल हमें तो श्याम का ही सहारा। जय श्री श्याम।


अर्जियाँ कबुल करता है श्याम तुम थोडा सा धीरज बांधे रहना, धीरज का मिलता मीठा फल ये है मेरे श्याम का है कहना। ।।जय श्री श्याम।।


दरबार तेरा दरबारों में एक खास अहमियत रखता है। उसको वैसा मिलता है जो जैसी नियत रखता है। ।।जय श्री श्याम।।


भटक भटक के ये जग हारा संकट में कोई दिया ना साथ। सुलझ गई हर एक समस्या श्याम ने जब से पकड़ा हाथ। ।।जय श्री श्याम।।


श्याम की तारीफ़ करूँ कैसे मेरे शब्दों में इतना जोर नहीं। चाहे सारी दुनिया में ढूंढ लेना पर मेरे श्याम जैसा कोई और नहीं। ।।जय श्री श्याम।।


सच्चा साथी श्याम हमारा बाकी भूल भूलैया है। भवसागर का एक ही माँझी अपना श्याम कन्हैया है। ।।जय श्री श्याम।।


कोई नही है मेरी फिक्र करने वाला फिर भी बेफिक्र रहता हूँ, बस एक है मेरे ऊपर जान छिडकने वाला जिसे मैं बाबा श्याम कहता हूँ। ।।जय श्री श्याम।।

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